Yashasvi Jaiswal Success Story: कभी पिताजी पानीपूरी बेचते थे ओर आज बेटा है इंडियन क्रिकेट टीम का खतरनाक बल्लेबाज

news active india
5 Min Read

Yashasvi Jaiswal Success Story

Yashasvi Jaiswal Success Story: ऐसा कहा जाता है कि जीवन में सफल होने के लिए घर संघर्ष करना पड़ता है और जो आदमी संघर्ष पार कर लेता है वह अपने जीवन में हमेशा सफल रहता है। यह उदाहरण को भारतीय ओपनर खिलाड़ी यशस्वी जायसवाल ने बिल्कुल सही साबित कर दिया है। यशस्वी जायसवाल ने अपने संघर्ष भरे जीवन में इतना मेहनत किया कि आज वह एक सफल क्रिकेटर बन चुके हैं और उन्हें पूरा क्रिकेट जगत जानता है।

यशस्वी जयसवाल अभी भारतीय टीम के ओपनर बल्लेबाज हैं जो भारतीय टीम के लिए लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। इनके जीवन में कई सारी कठिनाइयां जिन्हें पार करके आज यह इस मुकाम पर पहुंच गए हैं। तो आइये इस लेख के द्वारा हम यशस्वी जायसवाल के जीवन के बारे में विस्तार से जानते हैं।

यशस्वी जयसवाल कौन है?

यशस्वी जयसवाल भारतीय टीम के ओपनर बल्लेबाज है, साथ ही IPL में राजस्थान रॉयल्स के तरफ से खेलते हैं। यशस्वी जयसवाल का जन्म 28 दिसंबर 2001 को उत्तर प्रदेश के भदोही के सुखियावां में हुआ था। यशस्वी जयसवाल का परिवार निम्न वर्गीय परिवार था। यशस्वी के पिता का नाम भूपेंद्र कुमार तथा माता का नाम कंचन जायसवाल है।

यशस्वी जायसवाल के कुल 6 भाई बहन है, और उनमें यह चौथे भाई हैं। यशस्वी जायसवाल के पिता का गांव में एक छोटी सी हार्डवेयर दुकान हैं, लेकिन इस दुकान की कमाई से उनके परिवार का पेट नहीं चल पाती थी। यशस्वी जायसवाल बचपन से ही क्रिकेट खेला करते थे, इसलिए इन्होंने मात्र दसवीं तक की अपनी शिक्षा पूरी की हैं।

जीवन में किया काफी संघर्ष।

यशस्वी जायसवाल को अपने गांव में किसी भी प्रकार की क्रिकेट सुविधा प्राप्त नहीं होती थी इसलिए 10 साल की उम्र में ही यशस्वी मुंबई आ गए थे। मुंबई में यशस्वी जयसवाल आजाद मैदान में क्रिकेट की ट्रेनिंग लेते थे और दादर रहते थे। लेकिन आजाद मैदान घर से काफी दूर हो जाता था, इसलिए वे कलमदेवी में आकर रहने लगे थे। साथ में यशस्वी जयसवाल छोटी मोटी काम करने के शर्त पर एक डेयरी में ही रहने लगे थे।

yashaswi jaishwal

लेकिन क्रिकेट प्रैक्टिस के चलते यह काम में ज्यादा टाइम नहीं दे पाते थे इसलिए दुकानदार ने इन्हें बाहर निकाल दिया था। इसके बाद वह ग्राउंडमैन के साथ टेंट में रहने लगे थे। इनके पिता कभी-कभी इन्हें पैसे भी भिजवाते लेकिन वह पूरा नहीं हो पता था। इन्हें कई बार भूखे पेट भी सोना पड़ा है। यशस्वी जयसवाल कई बार अपने पेट भरने के लिए और पैसे कमाने के लिए ग्राउंड के बाहर गोलगप्पे भेजते थे।

इन्होंने थमा यशस्वी जयसवाल का हाथ।

3 सालों तक यशस्वी जयसवाल का जीवन काफी संघर्ष भरा रहा था। एक दिन नेट प्रैक्टिस करते हुए उनके कोच ज्वाला सिंह ने उन्हें देखा, जिसके बाद यशस्वी जयसवाल से काफी प्रभावित हो गए। यशस्वी का परेशानियों को देखते हुए ज्वाला सिंह यशस्वी जयसवाल के कानूनी गार्जियन बन गए। इसके बाद ज्वाला सिंह यशस्वी जायसवाल के सारे खर्च उठाने लगे।

यह भी पढे: WORLD CUP 2023: लीग मैच से लेकर फाइनल तक जीतने वाली टीम को मिलेगा ऐसा इनाम

इस प्रकार हुआ IPL में सिलेक्शन।

यशस्वी जयसवाल साल 2019 में मुंबई के तरफ से खेलते हुए रणजी ट्रॉफी में काफी अच्छा प्रदर्शन किया। इसके बाद यशस्वी जायसवाल को अंदर-19 विश्व कप 2020 में भी शामिल किया गया। इसी के बाद यशस्वी जयसवाल का अच्छा वक्त शुरू हो गया और आईपीएल 2020-21 में उन्हें 2.40 करोड रुपए में राजस्थान रॉयल्स ने अपने टीम में खरीदा था। इसके बाद साल 2022 और 2023 में राजस्थान की टीम ने ही इन्हें 4 करोड़ में खरीदा। यशस्वी जयसवाल का अभी नेटवर्क 12 करोड रुपए का है। यशस्वी जयसवाल अपने जीवन में मेहनत करके इस मुकाम पर पहुंचे हैं।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *